06 March 2015

जंगल में होली

होली के इस शुभ अवसर पर
आज शेर ने सभा बुलाई
सुनो सुनो सब जंगल वालों
चिल्लाती है कोयल ताई
भरी सभा में किंग शेर ने
अपना ये फरमान सुनाया
रंग नहीं खेला जाएगा
इस जंगल में अब से भाया
पर होली में हम तो मालिक
हरदम रंग खेलते आये
बोल सामने खड़ा हो गया
पलटू गदहा मुँह लटकाये
लाल लोमड़ी लच्छो बोली
ठीक कह रहे हैं राजा जी
मिलावटी रंगों से देखो
मुझको लगी जान की बाजी
कल्लू कौआ बोल पड़ा बस
सच ही कहा लोमड़ी नानी
रंग न कोई चढ़ता मुझ पर
हो जाऊँ मैं पानी पानी
हाथी बोला सही बात है
पानी सब गंदा हो जाता
कई दिनों तक गंदा पानी
मुझसे पिया पिया ना जाता
तभी उछल कर खड़ा हो गया
रामभजन बन्दर का बच्चा
होली में गर रंग न होंगे
मुझको नहीं लगेगा अच्छा
उसके पीछे खड़ी हो गई
जंगल भर की बच्चा टोली
धीरे धीरे चली शेरनी
बीच सभा में आ कर बोली
ऐसा करते हैं राजा जी
सूखी होली हम खेलेंगे
औ मिलावटी रंगों को हम
फूलों के रँग से बदलेंगे
सबने मिलकर फूल सुखा कर
तरह तरह का रंग बनाया
इस होली में सब ने खेला
कोई तनिक नहीं घबराया !!

-डा० प्रदीप शुक्ल

1 comment:

ऋषभ शुक्ला said...

Rango ke is tyohar ki apako parivar sahit dher sari shubhkamnayen.

http://hindikavitamanch.blogspot.in/